Dhamaal 4 Review: बॉलीवुड की सबसे लोकप्रिय कॉमेडी फ्रेंचाइजी में से एक ‘धमाल’ एक बार फिर दर्शकों को गुदगुदाने के लिए सिनेमाघरों में लौट आई है। निर्देशक इंद्र कुमार के निर्देशन में बनी ‘धमाल 4’ (Dhamaal 4) उम्मीदों पर खरी उतरती नजर आ रही है। फिल्म को समीक्षकों और दर्शकों से साढ़े तीन स्टार की शानदार रेटिंग मिली है। बिना किसी लॉजिक और दिमाग का इस्तेमाल किए, यह फिल्म इस वीकेंड दर्शकों के लिए एक बेहतरीन ‘स्ट्रेसबस्टर’ साबित होने वाली है।
हंसी के पटाखे और इमोशनल क्लाइमेक्स का तड़का
फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले को इस तरह बुना गया है जो दर्शकों को शुरू से अंत तक बांधकर रखता है। फिल्म के फर्स्ट हाफ में जहाँ कई ऐसे मोमेंट्स हैं जो आपको हंसने पर मजबूर कर देंगे, वहीं इंटरवल के बाद फिल्म की रफ्तार और मजेदार हो जाती है। निर्देशक इंद्र कुमार ने मनोरंजन का हर मसाला इस फिल्म में झोंक दिया है— थप्पड़मार कॉमेडी (स्लैपस्टिक ह्यूमर), ट्रेज़र हंट, पाइरेट्स, हॉरर और यहाँ तक कि ऑक्टोपस, मगरमच्छ, बाघ और सांप जैसे मजेदार तत्व भी कहानी का हिस्सा हैं। हालांकि, कुछ जोक्स और घोस्ट एनकाउंटर वाले सीन थोड़े कमजोर जरूर लगते हैं, लेकिन फिल्म की ओवरऑल रफ्तार के सामने ये कमियां छिप जाती हैं।
सितारों की जबर्दस्त जुगलबंदी
‘धमाल 4’ की सबसे बड़ी ताकत इसकी स्टारकास्ट का अभिनय और कॉमिक टाइमिंग है। अजय देवगन और संजय मिश्रा की जोड़ी पर्दे पर अद्भुत कमाल करती है और दोनों की जुगलबंदी देखने लायक है। फ्रेंचाइजी की जान कहे जाने वाले ‘आदि-मानव’ यानी अरशद वारसी और जावेद जाफ़री ने एक बार फिर अपनी बेदाग कॉमेडी से समां बांध दिया है। इस बार उनके साथ संजीदा शेख भी शामिल हुई हैं, जिन्होंने बेहतरीन काम किया है। फिल्म में रितेश देशमुख और अंजलि आनंद को सबसे मजबूत रोल मिले हैं। रितेश ने क्लाइमेक्स के दौरान जिस तरह से कॉमेडी से इमोशनल सीन में खुद को स्विच किया है, उसने दर्शकों का दिल जीत लिया है।
रवि किशन की नई ऊर्जा और सुपरहिट गानों का रीमेक
इस बार फ्रेंचाइजी में भोजपुरी सुपरस्टार रवि किशन की एंट्री हुई है, जो अपनी नई और फ्रेश एनर्जी से फिल्म में चार चांद लगा देते हैं। उनके साथ उपेंद्र लिमये और विजय पाटकर भी अपने किरदारों में बेहतरीन नजर आए। एक्टिंग के अलावा फिल्म का संगीत भी इसकी यूएसपी है। इस बार फिल्म में बेहद लोकप्रिय गानों ‘गुलाबी साड़ी’ (Gulabi Saree) और ‘चटनी’ (Chatni) के रीवैम्प (revamped) वर्जन का इस्तेमाल किया गया है, जो कहानी के प्रवाह के साथ बिल्कुल सटीक बैठते हैं और मनोरंजन के स्तर को दोगुना कर देते हैं। अगर आप भी इस वीकेंड खुलकर हंसना चाहते हैं, तो अपना लॉजिक घर छोड़कर सिनेमाघरों का रुख कर सकते हैं।
