ओटीटी पर अन्याय के खिलाफ तापसी पन्नू की दहाड़, ZEE5 पर इस दिन से स्ट्रीम होगी ‘अस्सी’

Table of Content

सिनेमाघरों में अपनी गहरी छाप छोड़ने और आलोचकों की वाहवाही लूटने के बाद निर्देशक अनुभव सिन्हा की फिल्म ‘अस्सी’ अब ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दस्तक देने के लिए तैयार है।

इस दिन ओटीटी पर देगी दस्तक

यह फिल्म 17 अप्रैल 2026 से हिन्दी ZEE5 पर स्ट्रीम की जाएगी। बनारस मीडिया वर्क्स और टी-सीरीज फिल्म्स द्वारा निर्मित इस फिल्म में तापसी पन्नू, मोहम्मद जीशान अय्यूब, कनी कुसरुति, रेवती, मनोज पाहवा, कुमुद मिश्रा और नसीरुद्दीन शाह जैसे मंझे हुए कलाकारों की टोली नजर आएगी।

न्याय की लड़ाई और कड़वी सच्चाई का आईना

‘अस्सी’ एक ऐसी कोर्टरूम ड्रामा है जो केवल अपराध की बात नहीं करती, बल्कि उस अपराध के इर्द-गिर्द बुनी गई व्यवस्था की उदासीनता को भी कटघरे में खड़ा करती है। फिल्म में तापसी पन्नू एक ऐसी वकील की भूमिका में हैं जो एक बर्बर बलात्कार मामले को हाथ में लेती हैं। फिल्म एक डरावनी वास्तविकता को रेखांकित करती है कि देश में प्रतिदिन लगभग 80 बलात्कार के मामले दर्ज होते हैं। यह कहानी एक सर्वाइवर और उसके साथी (कनी कुसरुति और जीशान अय्यूब) के इर्द-गिर्द घूमती है। उनकी जिंदगी हिंसा के बाद बिखर जाती है और वे कानूनी पेचीदगियों के साथ-साथ समाज के कड़े फैसलों का सामना करते हैं।

खामोशी को चुनौती देती एक संवेदनशील कहानी

निर्देशक अनुभव सिन्हा का कहना है कि ‘अस्सी’ केवल एक फिल्म नहीं है, बल्कि उस समय का प्रतिबिंब है जिसमें हम जी रहे हैं। उन्होंने इसे एक ऐसी कहानी के रूप में पेश किया है जो असहज करने वाले सच बोलने से पीछे नहीं हटती। वहीं, तापसी पन्नू ने इस किरदार को अपने करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं में से एक बताया है। उनके अनुसार, ‘अस्सी’ को देखना आसान नहीं हो सकता, लेकिन इसे देखना बहुत जरूरी है क्योंकि यह कहानी पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ कही गई है।

ज़ी 5 की बिजनेस हेड ने कही ये बात

ZEE5 की बिजनेस हेड कावेरी दास ने फिल्म के प्रीमियर पर विश्वास जताते हुए कहा कि यह फिल्म समाज में एक जरूरी बहस छेड़ेगी। उनका मानना है कि ‘अस्सी’ जैसी कहानियां दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती हैं और स्क्रीन से परे एक स्थायी प्रभाव छोड़ती हैं। थिएटर्स में अपनी भावनाओं और सच्चाई से लोगों का दिल जीतने के बाद, अब यह फिल्म डिजिटल माध्यम से दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचेंगी। यह फिल्म न्याय में होने वाली देरी और उसके बाद होने वाले सामाजिक परिणामों पर रोशनी डालती है, जो अक्सर अनकहे रह जाते हैं।

Mohammad Faique

faique246@gmail.com

मेरा नाम मोहम्मद फायक अंसारी है और मैं पिछले 9 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हूं। इस दौरान मुझे समाचार लेखन, संपादन और कंटेंट निर्माण से जुड़ा व्यापक अनुभव प्राप्त हुआ है। मैंने अमर उजाला के मनोरंजन डेस्क पर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जहां मैंने फिल्म, टेलीविजन और वेब सीरीज़ से जुड़ी विविध सामग्री पर काम किया। वर्तमान में मैं filmihoon.com के साथ जुड़ा हुआ हूं, जहां मैं मनोरंजन जगत से संबंधित समाचारऔर विश्लेषण प्रस्तुत कर रहा हूं।

https://filmihoon.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Indie Music: म्यूज़िक कंपनियों से बग़ावत करने वाले धुनों के 10 ‘धुरंधर’

फ़िल्मी हूं नेटवर्क, मुंबई। भारत का इंडी म्यूज़िक सीन अब केवल ऑल्टरनेटिव नहीं रहा। अब ये एक मजबूत सांस्कृतिक आंदोलन बन चुका है। ये फ़िल्मों के पारंपरिक संगीत से अलग अपनी पहचान बना रहा है। बात इस साल की करें तो 2026 में ये 10 कलाकार न सिर्फ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर छाए हुए हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भारतीय...