अगले महीने की 15 तारीख़ यानी 15 जून को इस बात का फ़ैसला हो सकता है कि हिंदी सिनेमा में अपनी साख़ बचाए रखने के लिए आमिर ख़ान (Aamir Khan) जो कुछ कर रहे हैं, वह कितना ज़मीनी है और कितना हवाई! आमिर ने अपने बेटे जुनैद की फ़िल्म ‘एक दिन’ का निर्माता होने के नाते इस फ़िल्म का पूरा प्रचार अपने पर ही फ़ोकस रखा और इस दौरान उनकी टीम ने आमिर को लेकर तरह तरह की ख़बरें प्रकाशित कराई हैं।
पूरी दुनिया से बायोपिक का ख़ुमार उतर रहा है, ये मैं नहीं फ़िल्मी कारोबार के आंकड़े बता रहे हैं। लेकिन, आमिर की पहली पसंद अब भी बायोपिक ही हैं। आपको याद होगा तो बहुत पहले वह देश में कथित रूप से पायरेटेड म्यूज़िक का सबसे बड़ा कारोबार स्थापित करने वाले गुलशन कुमार की बायोपिक भी करने वाले थे। बाद में उनकी कंपनी टी सीरीज़ के रूप में क़ानूनी रूप से कारोबार में आई और अब देश की सबसे बड़ी म्यूज़िक कंपनी भी है।
क्रिकेटर लाला अमरनाथ की बायोपिक की ख़बर आने से ठीक पहले आमिर की पीआर टीम ने ये ख़बर भी मीडिया में स्थापित कराई थी कि वह निर्देशक राजकुमार हिरानी के साथ मिलकर भारतीय सिनेमा के जनक कहलाने वाले धुंडिराज गोविंद फाल्के (दादा फाल्के) की जीवनी पर फ़िल्म करने जा रहे हैं। इसी कहानी पर एक फ़िल्म साउथ में भी बननी शुरू हो चुकी थी और फिर जब साउथ वाली फ़िल्म लिपटी तो आमिर की फ़िल्म भी बंद हो गई।
इसके बाद राजकुमार हिरानी के साथ ‘थ्री ईडियट्स 2’ बनाने की बातें भी फैलीं, लेकिन जो आमिर को करीब से जानते हैं, वे ये भी जानते हैं कि अपनी मार्केटिंग करने के लिए और अपना ब्रांड मजबूत करने के लिए आमिर कुछ भी कर सकते हैं। लेकिन, उनकी बढ़ती उम्र में अब उनका जादू उतरने लगा है। लोग उनकी इन ख़बरों को लेकर फ़िल्म इंडस्ट्री में ही मजे लेने लगे हैं। दर्शकों को भी बहुत कुछ ये फ़र्ज़ी पीआर गेम समझ आने लगा है।
आमिर ख़ान को लेकर इसी बीच एक ख़बर ये भी फैली कि वह ‘शार्क टैंक’ के जज रहे अशनीर ग्रोवर की बायोपिक भी कर सकते हैं। आमिर को सबसे बड़ी परेशानी इस बात की पेश आ रही है कि कोई बाहरी निर्माता उनके पास अपना प्रोजेक्ट लेकर नहीं आ रहा। उनकी पिछली फ़िल्म उनकी ख़ुद की बनाई हुई है। सनी देओल को लेकर वह ‘लाहौर 1947’ बना ही चुके हैं। बेटे जुनैद को लेकर बनाई ‘लवयापा’ और ‘एक दिन’ चली नहीं और उनकी कोई नई फ़िल्म अब तक फ़्लोर पर नहीं हैं।
आमिर को ख़बरों में बनाए रखने के लिए उनकी पीआर टीम पूरी मेहनत कर रही है। लेकिन, उनकी हर नई फ़िल्म की घोषणा के साथ ही उनकी साख़ भी जुड़ती जा रही है।
15 जून को ‘लगान’ को रिलीज़ हुए 25 साल पूरे हो रहे हैं, इस दिन अगर इस फ़िल्म के निर्देशक आशुतोष गोवारिकर और हीरो आमिर खान की अगली फ़िल्म का आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ तो ये उनकी साख को इस साल लगा सबसे बड़ा बट्टा होगा। आशुतोष इससे पहले शंकराचार्य की बायोपिक ‘शंकर’ का भी ऐलान कर चुके हैं, वह फ़िल्म भी अब तक शुरू नहीं हो सकी है। अगर आपको याद हो तो लाला अमरनाथ की बायोपिक को लेकर शुरुआती ख़बरें तीन साल पहले आनी शुरू हुई थीं जब राजकुमार हिरानी ये बायोपिक बनाने जा रहे थे। अब जो फ़िल्म फ़रहान अख़्तर बतौर निर्माता बनाने जा रहे हैं, वह लाला अमरनाथ की बायोपिक न होकर भारत-पाकिस्तान के बीच बंटवारे के बाद हुई पहली क्रिकेट टेस्ट सीरीज़ पर आधारित बताई जा रही है।