अपनी ऐतिहासिक और भव्य फिल्मों के लिए मशहूर दिग्गज निर्देशक आशुतोष गोवारीकर अब एक बिल्कुल नए अवतार में नजर आने वाले हैं। गोवारिकर ने अपनी पहली डॉक्यू-ड्रामा सीरीज ‘टेंपल रेडर्स’ (Temple Raiders) की आधिकारिक घोषणा कर दी है। चार भागों वाली यह सीरीज भारत के पवित्र मंदिरों से बेशकीमती कलाकृतियों और मूर्तियों की चोरी तथा उनके वैश्विक तस्करी नेटवर्क के काले सच को पर्दे पर उजागर करेगी।
डॉक्यू-ड्रामा फॉर्मेट में गोवारिकर का पहला कदम
‘लगान’, ‘स्वदेश’ और ‘जोधा अकबर’ जैसी क्लासिक फिल्में देने वाले आशुतोष गोवारीकर के करियर की यह पहली डॉक्यू-सीरीज होगी। गोवारीकर के अनुसार, वे लंबे समय से विभिन्न शैलियों की डॉक्यूमेंट्री देख रहे थे और इस फॉर्मेट ने उन्हें हमेशा प्रभावित किया है। उन्होंने बताया कि उन्हें एक ऐसे विषय की तलाश थी जिससे वे गहरा जुड़ाव महसूस कर सकें, और जब राघव खन्ना यह कॉन्सेप्ट लेकर आए, तो वे तुरंत इसके लिए तैयार हो गए। यह सीरीज न केवल तथ्यों को सामने रखेगी, बल्कि एक दिलचस्प कहानी के जरिए दर्शकों को जोड़ेगी।
राघव खन्ना के नेतृत्व में तैयार हुई ‘टेंपल रेडर्स’
इस सीरीज के लेखन और निर्माण की कमान राघव खन्ना संभाल रहे हैं, जिन्हें ‘द एलिफेंट व्हिस्परर्स’ और ‘द हंट फॉर वीरप्पन’ जैसे चर्चित प्रोजेक्ट्स के लिए जाना जाता है। खन्ना इस सीरीज के क्रिएटर और शोरनर भी हैं। उनके मुताबिक, ‘टेंपल रेडर्स’ एक ऐसी थ्रिलर सीरीज है जहाँ आस्था और लालच का सीधा टकराव देखने को मिलेगा। आशुतोष गोवारीकर ने इस सीरीज को बेहद संवेदनशीलता और गहराई के साथ निर्देशित किया है, जिसमें कई चौंकाने वाले और रोमांचक तत्व शामिल हैं।
भव्य पैमाने पर होगा निर्माण
‘टेंपल रेडर्स’ का निर्माण ‘तुडिप एंटरटेनमेंट’ और ‘रिवरलैंड एंटरटेनमेंट’ द्वारा ‘आशुतोष गोवारीकर प्रोडक्शंस’ के सहयोग से किया जा रहा है। सीरीज को एक बड़े कैनवास पर फिल्माया जाएगा, जिसमें नाटक (ड्रामा) और सिनेमाई प्रोडक्शन वैल्यू का बेहतरीन मिश्रण होगा। दीप्ति अग्रवाल, तुषार अपशंकर, जयश्री खन्ना और राघव खन्ना इसके निर्माता हैं, जबकि प्रियंका चौधरी सह-निर्माता के रूप में जुड़ी हैं। यह सीरीज न केवल मूर्तियों की चोरी की कहानी कहेगी, बल्कि उसके पीछे छिपे बड़े वैश्विक खेल और साजिशों से भी पर्दा उठाएगी।
