फ़िल्मी हूं नेटवर्क, मुंबई: नमित मल्होत्रा की कंपनी प्राइम फोकस शेयर बाज़ार में कब उतरी? इसके शेयर कितने पर लिस्ट हुए और ‘रामायण’ (Ramayana) पर फ़िल्म बनाने के एलान से ठीक पहले तक कंपनी के शेयर भाव क्या थे, इस सब पर आप हमारी पिछली ख़बर में पढ़ ही चुके हैं।
इस बारे में ये रिपोर्ट फिर से इसलिए भी है कि हिंदी सिनेमा बनाने वाले, भले वह इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय सिनेमा की लंबी छलांग बता रहे हों, अगर स्थानीय दर्शकों का भरोसा नहीं जीत पाएंगे तो उनके अंतर्राष्ट्रीय होने का कोई मतलब नहीं है।
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आर आर राजामौली ने ‘बाहुबली’ सीरीज़ की दोनों फ़िल्मों और ‘आरआरआर’ के बाद अपना नाम अंतर्राष्ट्रीय कर दिया है। उन पर भरोसा बन चुका है लोगों का लेकिन, जिस तरह से नमित मल्होत्रा की ‘रामायण’ लिखा स्क्रीन पर आता है, उसमें एक अच्छे निर्देशक की एक कारोबारी कहानी में आहुति होती दिखती है।
ऐसा नहीं कि इससे पहले कभी किसी निर्माता ने निर्देशक का नाम किनारे करके किसी फ़िल्म को अपनी फ़िल्म बनाने की कोशिश न की हो, ऐसा पहले भी हुआ और ये करने में हिंदी सिनेमा के बड़े दिग्गज निर्माता भी शामिल रहे हैं, लेकिन किसी ने एक फ़िल्म के ज़रिये अपने निवेशकों को अंधेरे में रखने की कोशिश नहीं की।
प्राइम फ़ोकस का शेयर भाव बीते दो साल में आसमान छू चुका है। ये इसलिए कि अब तक लोगों को भरोसा था कि ऑस्कर विजेता कंपनी डीएनईजी, दुनिया भर में चर्चित एआई सॉफ्टवेयर ब्रह्मा और प्राइम फ़ोकस के हुनरमंद मिलकर कुछ ऐसा रचेंगे जो उनकी यादों से ‘आदिपुरुष’ का धब्बा मिटा देगा।
लेकिन, फ़िल्म के टीज़र या राम यूनिट की रिलीज़ के बाद से शेयर बाज़ार प्राइम फ़ोकस का साथ नहीं दे रहा। मतलब कि इस देखकर इसके निवेशकों का धीरज और भरोसा दोनों ढीले पड़ रहे हैं।
और, ये इसके बावजूद कि सोशल मीडिया पर कभी फ़िल्म के विदेश वितरण के लिए वार्नर ब्रदर्स से डील होने की बात तैराई जाती है। कभी नमित मल्होत्रा दो कदम आगे जाकर रणबीर कपूर की फ़िल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ की सीक्वल के भी निर्माता बन चुके होने की बात कह जाते हैं। हालांकि, ऐसी कोई डील अब तक धर्मा प्रोडक्शंस और प्राइम फ़ोकस के बीच फाइनल हुई नहीं है।
लेकिन, चूंकि निवेशकों का भरोसा ही कमज़ोर हो रहा है तो इस सारी मशक़्क़त का भी कोई फ़ायदा होता दिख नहीं रहा। हफ़्ते की शुरुआत में प्राइम फ़ोकस के शेयर का भाव सोमवार की सुबह क़रीब 350 रुपये था। शुक्रवार को बाज़ार बंद होते समय इसका भाव गिरकर पहुंच गया है, करीब 308 रुपये पर। यानी सिर्फ़ एक हफ़्ते में इसके शेयर 10 फ़ीसदी से ज़्यादा गिर चुके हैं। ये लाल निशान प्राइम फ़ोकस के लिए कम और ‘रामायण’ के हीरो रणबीर कपूर के लिए ज़्यादा डराने वाला है।

रणबीर कपूर की एक और फ़िल्म ‘लव एंड वॉर’ को बनाने वाले निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली भी बीते कुछ समय से आर्थिक झंझावात में फंसे रहे हैं। म्यूज़िक कंपनी सारेगामापा ने उनकी कंपनी में 28 फ़ीसदी की साझेदारी ख़रीदकर उन्हें इस मुश्क़िल से बचाने की कोशिश की है।
इस बिक्री के बदले भंसाली को करीब 325 करोड़ रुपये मिले हैं, इसके बाद भी रणबीर की इस फ़िल्म की रिलीज़ को लेकर कोई पक्की बात अब भी फ़िल्म इंडस्ट्री में हो नहीं रही।
और, उससे पहले अगर ‘रामायण पार्ट वन’ (Ramayana) इस साल दिवाली पर राम के अयोध्या आगमन उत्सव के दौरान डगमगाई तो ये रणबीर के लिए काफ़ी मुश्क़िल भरी दिवाली होगी। रणबीर ने अपनी फ़िल्मों के जरिये करोड़ों प्रशंसक बनाए हैं और वे सब चाहते हैं कि रणबीर की मेहनत का उनको उनकी हर फ़िल्म में वाजिब इनाम मिले।






