SSMB29: भारतीय सिनेमा के जादूगर एसएस राजामौली अपनी भव्य फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। उनकी आगामी फिल्म ‘एसएसएमबी29’, में सुपरस्टार महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा और पृथ्वीराज सुकुमारन जैसे सितारे नजर आएंगे। हाल ही में फिल्म से जुड़ा एक ऐसा अपडेट सामने आया है, जिसे जानकर फैंस काफी ज्यादा उत्साहित हो जाएंगे।
SSMB29: महेश बाबू की ‘एसएसएमबी29’ में नया ट्विस्ट, फिल्म में इस धांसू एक्टर की एंट्री की चर्चा तेज
रिपोर्ट में किया गया दावा
पिपिंगमून.कॉम की एक रिपोर्ट के अनुसार यह फिल्म भारतीय पौराणिक कथाओं से प्रेरित है और रामायण की प्रसिद्ध ‘संजीवनी बूटी’ पर केंद्रित है। यह फिल्म एक रोमांचक जंगल साहसिक कहानी होगी, जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने की पूरी कोशिश करेगी।
फिल्म का प्लॉट पता चल गया
एक सूत्र ने इस बारे में कहा, “SSMB29 एक इंडियाना जोन्स स्टाइल की एक्शन-एडवेंचर फिल्म है, जिसमें महेश बाबू का किरदार संजीवनी बूटी की तलाश में दुनियाभर में रोमांचक यात्रा पर निकलता है। संजीवनी बूटी एक पौराणिक जड़ी-बूटी है, जिसके बारे में माना जाता है कि यह मृतकों को भी जीवित कर सकती है।” राजामौली और उनके पिता, मशहूर लेखक के.वी. विजयेंद्र प्रसाद ने रामायण के तत्वों को कहानी में खूबसूरती से बुना है। कहा जा रहा है कि फिल्म अपनी शानदार एक्शन सीक्वेंस और अत्याधुनिक विजुअल इफेक्ट्स के साथ राजामौली की पिछली फिल्मों को भी पीछे छोड़ देगी।
रामायण से प्रेरित होगी फिल्म
रामायण में एक प्रसिद्ध प्रसंग है, जब रावण का बेटा इंद्रजीत अपने शक्तिशाली हथियार से भगवान राम के भाई लक्ष्मण को घायल कर देता है। लक्ष्मण को बचाने के लिए हनुमान हिमालय की ओर संजीवनी बूटी लाने निकलते हैं। जब उन्हें सही बूटी नहीं मिलती तो वे पूरे पर्वत का एक हिस्सा ही उखाड़कर लंका ले आते हैं। ‘एसएसएमबी29’ (SSMB29) की कहानी भी इसी पौराणिक कथा से प्रेरणा लेती है। हालांकि, किरदारों और कहानी का ब्योरा अभी गुप्त रखा गया है।
कब रिलीज होगी फिल्म?
राजामौली की यह SSMB29 वैश्विक दर्शकों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है। इसका निर्माण हैदराबाद में शुरू हो चुका है। अप्रैल में ओडिशा में एक एक्शन से भरपूर शेड्यूल की शूटिंग पूरी की गई है। फिल्म की शूटिंग 2025 से लेकर 2026 के मध्य तक चलेगी। यह 2027 की गर्मियों में दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। राजामौली का विजन और इस फिल्म की भव्यता इसे भारतीय सिनेमा का एक और मील का पत्थर बनाने की ओर इशारा करती है।








