भारतीय सिनेमा के सबसे मंझे हुए कलाकारों में शुमार मनोज बाजपेयी एक बार फिर एक बेहद संवेदनशील और पावरफुल प्रोजेक्ट के साथ तैयार हैं। खबर है कि वह बुकर प्राइज विजेता लेखक अरविन्द अडिगा के मशहूर उपन्यास ‘लास्ट मैन इन टॉवर’ के स्क्रीन अडेप्टेशन में मुख्य भूमिका निभाने जा रहे हैं। इस फिल्म का निर्माण दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और निर्माता राणा दग्गुबाती करने जा रहे हैं। वहीं, निर्देशन की कमान बेन रेखी संभालेंगे।
एक अपार्टमेंट और आत्मसम्मान की अनोखी लड़ाई
यह फिल्म एक सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) स्कूल शिक्षक के इर्द-गिर्द घूमती है जो मुंबई के एक पुराने अपार्टमेंट में रहता है। कहानी में मोड़ तब आता है जब एक बड़ा रियल एस्टेट डेवलपर उस पूरी इमारत को पुनर्विकास के लिए खरीदना चाहता है। जहां बिल्डिंग के बाकी सभी निवासी भारी भरकम रकम के लालच में अपने घर बेचने को तैयार हो जाते हैं। वहीं, यह शिक्षक (मनोज बाजपेयी) अपना फ्लैट बेचने से साफ इनकार कर देता है। यह फिल्म शहरी विकास, लालच और एक अकेले आदमी के अपने घर के प्रति जुड़ाव की एक भावुक और रोमांचक जंग को पर्दे पर दिखाएगी।
स्टारकस्ट होगी दमदार
फिल्म में मनोज बाजपेयी के साथ वर्सेटाइल अभिनेत्री दिव्या दत्ता भी एक महत्वपूर्ण किरदार में नजर आएंगी। अरविन्द अडिगा के उपन्यासों का स्क्रीन के साथ पुराना और सफल नाता रहा है। इससे पहले उनके उपन्यास ‘द व्हाइट टाइगर’ और ‘सिलेक्शन डे’ को भी पर्दे पर उतारा जा चुका है। दोनों को ही वैश्विक स्तर पर काफी सराहना मिली थी। ‘लास्ट मैन इन टॉवर’ के जरिए एक बार फिर उनकी गहरी और यथार्थवादी कहानी को सिनेमाई रूप दिया जा रहा है।
शूटिंग और रिलीज की तैयारी पर चल रहा काम
निर्माता राणा दग्गुबाती और उनकी टीम इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी उत्साहित है। जानकारी के अनुसार फिल्म का प्री-प्रोडक्शन का काम अंतिम चरण में है और इस साल की दूसरी छमाही में इसकी शूटिंग शुरू कर दी जाएगी। बेन रेखी अपनी संजीदा फिल्म मेकिंग के लिए जाने जाते हैं। इस कहानी के जरिए मुंबई के शहरी जीवन के उन कड़वे सच को उजागर करने की तैयारी में हैं जो अक्सर चमक-धमक के पीछे छिपे रह जाते हैं।







