Jana Nayagan: मद्रास हाई कोर्ट का सख्त एक्शन, पाइरेसी करने वाली वेबसाइट्स और केबल ऑपरेटर्स पर लगाया बैन

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Jana Nayagan: दलपति विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जन नायकन‘ को लेकर चल रही कानूनी और डिजिटल जंग अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। फिल्म के ऑनलाइन लीक होने की गंभीर घटना के बाद मद्रास हाई कोर्ट ने गुरुवार को एक बड़ा फैसला सुनाते हुए केबल ऑपरेटरों और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं पर फिल्म के पायरेटेड वर्जन को प्रसारित करने या दिखाने पर अंतरिम रोक लगा दी है। जस्टिस सेंथिलकुमार राममूर्ति ने यह आदेश फिल्म के सह-निर्माता KVN प्रोडक्शंस द्वारा दायर एक मुकदमे के बाद दिया है।

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रिलीज से पहले ही लीक हुई थी फिल्म

फिल्म ‘जन नायकन’ (Jana Nayagan) के मेकर्स के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। फिल्म को पहले ही सेंसर बोर्ड (सीबीएफसी) की संशोधित समिति के पास भेजा गया था, क्योंकि रक्षा बलों के चित्रण और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की शिकायतों के कारण इसे सेंसर सर्टिफिकेट मिलने में देरी हो रही थी। लेकिन हैरान कर देने वाली बात यह रही कि सेंसर प्रक्रिया पूरी होने और सिनेमाघरों में रिलीज होने से पहले ही 9 अप्रैल 2026 को फिल्म ऑनलाइन लीक हो गई। प्रोडक्शन हाउस का तर्क है कि इस प्री-रिलीज लीक ने फिल्म की व्यावसायिक सफलता और इसके सैटेलाइट व डिजिटल अधिकारों की वैल्यू को बड़ा खतरा पैदा कर दिया है।

अदालत का सख्त निर्देश

KVN प्रोडक्शंस की ओर से पैरवी कर रहे वकीलों ने कोर्ट को बताया कि कई रोग वेबसाइट्स पायरेटेड कंटेंट को हटाने के आदेशों का पालन नहीं करती हैं और वे ब्लॉक होने से बचने के लिए तुरंत मिरर डोमेन (वैकल्पिक लिंक) बना लेती हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए अदालत ने एक ‘डायनेमिक इंजंक्शन’ जारी किया है, जिसके तहत बिना अनुमति के फिल्म की किसी भी प्रकार की रिकॉर्डिंग, कॉपी या ट्रांसमिशन पर पूरी तरह रोक रहेगी। कोर्ट ने माना कि पाइरेसी से होने वाले नुकसान की भरपाई केवल पैसों से नहीं की जा सकती, क्योंकि यह फिल्म के थिएटर रेवेन्यू को पूरी तरह से खत्म कर सकती है।

सेंसर और राजनीति के बीच फंसी फिल्म

राजनीति में प्रवेश करने से पहले दलपति विजय की इस आखिरी फिल्म को लेकर फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है। मूल रूप से इसे जनवरी में पोंगल के मौके पर रिलीज होना था, लेकिन सेंसर बोर्ड के साथ चली लंबी कानूनी लड़ाई और फिर हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद फिल्म की रिलीज लगातार टलती गई। फिलहाल, 10 फरवरी को फिल्म निर्माताओं ने अपनी याचिका वापस ले ली थी और अब गेंद पूरी तरह से सीबीएफसी की रिवाइजिंग कमेटी के पाले में है। अब देखना यह होगा कि 2 जून तक प्रभावी इस कोर्ट ऑर्डर के बाद फिल्म कब तक सुरक्षित तरीके से बड़े पर्दे पर पहुंच पाती है।

Mohammad Faique

faique246@gmail.com

मेरा नाम मोहम्मद फायक अंसारी है और मैं पिछले 9 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हूं। इस दौरान मुझे समाचार लेखन, संपादन और कंटेंट निर्माण से जुड़ा व्यापक अनुभव प्राप्त हुआ है। मैंने अमर उजाला के मनोरंजन डेस्क पर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जहां मैंने फिल्म, टेलीविजन और वेब सीरीज़ से जुड़ी विविध सामग्री पर काम किया। वर्तमान में मैं filmihoon.com के साथ जुड़ा हुआ हूं, जहां मैं मनोरंजन जगत से संबंधित समाचारऔर विश्लेषण प्रस्तुत कर रहा हूं।

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