Sajid Khan: मशहूर फिल्म निर्माता-निर्देशक साजिद खान ने हाल ही में एक पॉडकास्ट ‘बॉलीवुड’ के ‘हीरो’ पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि आज की फिल्म इंडस्ट्री में सच्चे मायनों में ‘हीरो’ कम बचे हैं, अब ज्यादातर ‘लीड एक्टर’ ही नजर आते हैं। साजिद ने पुराने जमाने के हीरो और आज के सितारों के बीच के फर्क को समझाया और कहा कि बॉलीवुड में ‘हीरो’ की वह रौनक अब फीकी पड़ रही है।
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बॉलीवुड में कम बचे हैं हीरो
भारती सिंह और हर्ष लिम्बाचिया के पॉडकास्ट में साजिद ने कहा कि अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, विनोद खन्ना और मिथुन चक्रवर्ती जैसे दिग्गजों ने बॉलीवुड में ‘हीरो’ की जो छवि बनाई थी वह अब धुंधली हो रही है। उन्होंने कहा, “आज हमारे पास हीरो बहुत कम बचे हैं। अब तो बस लीड एक्टर हैं। पहले हीरो होते थे, लेकिन अब लीड एक्टर होते हैं। आजकल कोई भी फिल्म कर सकता है, क्योंकि हीरो की वैल्यू कम हो गई है।” साजिद ने कहा कि पहले हीरो का मतलब था एक ऐसा किरदार जो न सिर्फ पर्दे पर दमदार दिखे, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा भी बने।
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साउथ सिनेमा में अभी भी होते हैं हीरो
इस मामले में साजिद ने साउथ इंडियन सिनेमा की तारीफ की, जहां आज भी हीरो को भव्य और नैतिक रूप में पेश किया जाता है। उन्होंने कहा कि साउथ की फिल्मों में हीरो के किरदार समाज के मूल्यों के साथ चलते हैं । Sajid Khan ने यह भी कहा कि ‘सुपर-लीड’ जैसा कोई शब्द नहीं है, लेकिन ‘सुपरहीरो’ शब्द आज भी उस ऊंचे कद को दिखाता है, जो पहले बॉलीवुड के हीरो का हुआ करता था।
‘शारीरिक बनावट से ज्यादा जरूरी है आंखों की गहराई’
Sajid Khan ने पुराने सितारों की तारीफ करते हुए कहा कि पहले के एक्टर बिना सिक्स-पैक ऐब्स के भी अपनी आंखों और अभिनय से दर्शकों को बांध लेते थे। विनोद खन्ना और अमिताभ बच्चन जैसे सितारों ने अपनी भावनात्मक गहराई से किरदारों को यादगार बनाया। साजिद ने सलमान खान को जिम-टोन्ड लुक को बॉलीवुड में लोकप्रिय बनाने का श्रेय दिया। सलमान की फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ के बाद सिक्स-पैक का चलन शुरू हुआ। लेकिन साजिद ने जोर देकर कहा कि हीरो की असली ताकत उसकी आंखों की गहराई होती है, न कि सिर्फ शारीरिक बनावट में।
भावनाएं ही बनाती हैं सच्चा हीरो: साजिद खान
साजिद ने रणबीर कपूर की फिल्म ‘एनिमल’ का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि रणबीर ने इसके लिए अपनी शारीरिक बनावट बदली, लेकिन उनकी आंखों की भावनात्मक गहराई ने ही किरदार को जीवंत बनाया। अगर रणबीर ने बॉडी नहीं भी बनाई होती तब भी उनका अभिनय उतना ही प्रभावशाली होता। इसके अलावा साजिद ने सनी देओल की ‘गदर 2’ की तारीफ की। सनी के पास जिम-टोन्ड बॉडी नहीं थी, लेकिन उनकी ‘देसी’ ताकत और स्वाभाविक अभिनय ने एक्शन दृश्यों को विश्वसनीय और दमदार बनाया।








