Shah Rukh Khan: शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण को राजस्थान हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। दोनों पर एक कार विज्ञापन के जरिए उपभोक्ताओं को गुमराह करने का आरोप था। भरतपुर में दर्ज एक एफआईआर में इन सितारों और कार कंपनी के छह अधिकारियों को गाड़ी में खराबी के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। कोर्ट ने इस एफआईआर पर रोक लगा दी है। अगली सुनवाई 25 सितंबर को तय की है।
क्या है मामला?
भरतपुर के कीर्ति सिंह ने इस महीने की शुरुआत में एक एफआईआर दर्ज की थी। उनका दावा था कि शाहरुख और दीपिका के विज्ञापन देखकर उन्होंने गाड़ी खरीदी, लेकिन उसमें खराबी आ गई। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ। कीर्ति ने आरोप लगाया कि इन सितारों के प्रचार ने उनके खरीदने के फैसले को प्रभावित किया। इस एफआईआर में कंपनी के छह अधिकारियों को भी नामजद किया गया था।
Shah Rukh Khan के वकील ने दी ये दलील
शाहरुख और दीपिका ने तुरंत राजस्थान हाई कोर्ट में एफआईआर रद्द करने की अपील की। शाहरुख की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा, “विज्ञापन करने का मतलब यह नहीं कि शाहरुख गाड़ी की गुणवत्ता के लिए जिम्मेदार हैं। उनका इस शिकायत से कोई सीधा संबंध नहीं है।” दीपिका की ओर से वकील माधव मित्रा ने तर्क दिया कि दीपिका का रोल केवल ब्रांड को बढ़ावा देने तक सीमित था। गाड़ी के उत्पादन या गुणवत्ता नियंत्रण में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
कोर्ट ने एफआईआर पर लगाई रोक
जोधपुर में जस्टिस सुदेश बंसल ने इस मामले की सुनवाई की। बचाव पक्ष ने बताया कि कीर्ति सिंह ने गाड़ी को तीन साल तक इस्तेमाल किया और 67,000 किलोमीटर से ज्यादा चलाया। फिर शिकायत दर्ज की। वकीलों ने कहा कि अगर गाड़ी में कोई समस्या थी तो कीर्ति को उपभोक्ता अदालत में जाना चाहिए था। कोर्ट ने माना कि एफआईआर में कोई ठोस आधार नहीं है। इसलिए शाहरुख, दीपिका और कंपनी के छह अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर पर रोक लगा दी गई। फिलहाल, शाहरुख और दीपिका को कोर्ट से राहत मिली है, लेकिन 25 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर सबकी नजरें रहेंगी।








