Micro Drama: भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज प्रोडक्शन हाउस यशराज फिल्म्स और शाहरुख खान की रेड चिलीज एंटरटेनमेंट अब पारंपरिक सिनेमा और वेब सीरीज से आगे निकलकर माइक्रो ड्रामा स्पेस में प्रवेश करने की योजना बना रहे हैं। इंडस्ट्री के जानकारों के अनुसार दोनों स्टूडियो स्वतंत्र रूप से इस शॉर्ट-फॉर्मेट कंटेंट की संभावनाओं को तलाश रहे हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब मोबाइल-फर्स्ट और कम समय में अधिक मनोरंजन प्रदान करने वाली कहानियों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
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YRF की नई रणनीति
यशराज फिल्म्स (YRF Entertainment) में इस बदलाव के संकेत हाल ही में सौगत मुखर्जी की नियुक्ति से मिले हैं। सौगत ने इससे पहले ‘सोनी लिव’ (SonyLIV) के प्रीमियम ओरिजिनल कंटेंट को एक नई ऊंचाई दी थी। अब YRF के डिजिटल-फर्स्ट कंटेंट पाइपलाइन को मजबूत करने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जानकारों का मानना है कि सौगत मुखर्जी का अनुभव YRF को माइक्रो ड्रामा (Micro Drama) जैसे चुनौतीपूर्ण और तेजी से बदलते बाजार में एक अलग पहचान दिलाने में मददगार साबित होगा। उनका लक्ष्य ऐसी कहानियों को पेश करना है जो संक्षिप्त होने के बावजूद दर्शकों पर गहरा प्रभाव छोड़ सकें।
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रेड चिलीज भी मैदान में
यशराज के साथ-साथ शाहरुख खान की कंपनी रेड चिलीज एंटरटेनमेंट में भी माइक्रो ड्रामा को लेकर शुरुआती स्तर की बातचीत और योजनाएं शुरू हो चुकी हैं। भारत में इस समय माइक्रो ड्रामा का इकोसिस्टम तेजी से आकार ले रहा है, जिसमें जियो-हॉटस्टार का ‘तड़का’, ZEE5 का ‘बुलेट’ और अमेज़न एमएक्स प्लेयर का ‘फटाफट’ जैसे नाम पहले से ही मोबाइल-फर्स्ट स्टोरीटेलिंग के साथ प्रयोग कर रहे हैं। रेडसीर (Redseer) के आंकड़ों के अनुसार दर्शक गुणवत्ता और नवीनता के लिए भुगतान करने को तैयार हैं और वे अब घिसे-पिटे विषयों से हटकर विभिन्न जॉनर में नई कहानियां देखना चाहते हैं।
भविष्य का बाजार
डिजिटल मनोरंजन का यह नया स्वरूप केवल वीडियो तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ऑडियो स्ट्रीमिंग और सोशल डिस्कवरी जैसे इंटरैक्टिव मीडिया का हिस्सा है। एक अनुमान के मुताबिक भारत का इंटरैक्टिव मीडिया सेगमेंट वित्त वर्ष 2030 तक 3.1 से 3.4 अरब डॉलर का बाजार बन सकता है। इसमें माइक्रो ड्रामा सबसे तेजी से बढ़ने वाली कैटेगरी होने की उम्मीद है। यूपीआई ऑटोपे (UPI Autopay) जैसी सरल भुगतान तकनीकों ने भी इस सब्सक्रिप्शन-आधारित मॉडल को काफी आसान बना दिया है। यशराज और रेड चिलीज जैसे बड़े नामों के इस क्षेत्र में आने से न केवल कहानियों का स्तर बढ़ेगा, बल्कि यह पारंपरिक शॉर्ट-फॉर्म वीडियो को भी कड़ी टक्कर देगा।






