ज़ी5 (ZEE5) ने अपनी नई ओरिजिनल डॉक्यू-सीरीज ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ (Lawrence of Punjab) का ट्रेलर जारी कर दिया है। रिवरलैंड एंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित और राघव दर के निर्देशन में बनी यह सीरीज अपराध की दुनिया के अनछुए पहलू को खंगालने की कोशिश करती है। 27 अप्रैल को रिलीज होने वाली यह सीरीज केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं है। यह उस पूरे तंत्र और संस्कृति का अध्ययन है जो आज के दौर के ‘डिजिटल सिंडिकेट’ को जन्म देती है।
केवल अपराध की कहानी नहीं
‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ उस यात्रा को ट्रैक करती है जो छात्र राजनीति, संगीत, विचारधारा और मीडिया के प्रचार-प्रसार के बीच से होकर गुजरती है। लॉरेंस बिश्नोई को एक ‘केस स्टडी’ के रूप में इस्तेमाल करते हुए यह सीरीज बताती है कि कैसे आकांक्षाएं, सत्ता की भूख और सामाजिक धारणाएं मिलकर एक नया आपराधिक ताना-बाना बुनती हैं। निर्माताओं का स्पष्ट कहना है कि इस सीरीज का मकसद किसी भी अपराधी का महिमामंडन करना नहीं है, बल्कि उस ईकोसिस्टम को समझना है जो युवाओं को इस रास्ते पर ढकेलता है और इसके भयानक परिणामों से रूबरू कराना है।
वास्तविक घटनाओं को संतुलित तरीके से दिखाने की कोशिश
सीरीज के बारे में बात करते हुए ज़ी5 हिंदी की बिजनेस हेड कावेरी दास ने कहा कि वे केवल अपराध की सतह को नहीं छूना चाहते थे, बल्कि उसके पीछे छिपे सांस्कृतिक संदर्भ को तलाशना चाहते थे। उनका उद्देश्य ऐसी कहानियों को सामने लाना है जो दर्शकों के बीच एक सार्थक बहस शुरू कर सकें। वहीं, निर्माता राघव खन्ना ने पंजाब की समृद्ध विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि यह सीरीज वास्तविक घटनाओं और कई दृष्टिकोणों को संतुलित और संवेदनशील तरीके से पेश करती है। यह सत्ता और प्रभाव की बदलती गतिशीलता का एक ईमानदार चित्रण है।
निर्देशक ने कही ये बात
निर्देशक राघव दर ने साझा किया कि ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ को हमेशा एक क्राइम स्टोरी से बढ़कर सोचा गया था। टीम की प्राथमिकता यह समझने की थी कि आखिर ऐसा क्यों होता है? वह कौन सा माहौल और व्यवस्था है जो इन पहचानों को आकार देती है? सीरीज के जरिए यह दिखाने की कोशिश की गई है कि इन रास्तों पर चलने के बाद पीछे क्या छूट जाता है। मानवीय संवेदनाओं और सूचनाओं से भरपूर यह डॉक्यू-सीरीज 27 अप्रैल 2026 को हिंदी में स्ट्रीम की जाएगी।






