Ramayana: चार हज़ार करोड़ रुपये में बन रही एक फ़िल्म क्या सिर्फ़ इसकी निर्माता कंपनी के शेयर बाज़ार में भाव बढ़ाने के लिए फेंका गया एक पासा है? दो साल पहले तक सौ रुपये से भी नीचे मिल रहा इस कंपनी का शेयर इस फ़िल्म के प्रचार प्रसार के चलते साढ़े तीन सौ के ऊपर पहुंच तो गया लेकिन जिस तरह का फ़िल्म का राम वाला यूनिट सामने आया है, उसने कंपनी के शेयरों को भी झटका देना सुरू कर दिया है।
रणबीर कपूर की फ़िल्म ‘रामायण’, ‘रामायणा’ या ‘रामायणम्’, जो भी इसका हिंदी में नाम हो, बनाने वाली कंपनी प्राइम फ़ोकस के शेयर्स पर कम लोगों की ही नज़र रही होगी। 417 रुपये के इश्यू प्राइस पर शेयर बाज़ार में उतरी कंपनी के शेयर्स अभी दो साल पहले तक सौ रुपये के नीचे चले गए थे। वैसे तो ये एनालिसिस कारोबार कवर करने वाले किसी रिपोर्टर को ही करनी चाहिए, लेकिन ऐसी रिपोर्ट्स बनाने में समय भी बहुत लगता है और दिमाग़ भी। रणबीर कपूर की फ़िल्म ‘रामायण’ बनाने का एलान प्राइम फ़ोकस ने 6 नवंबर 2024 को पहले पहल किया था, उस दिन कंपनी का शेयर 133.80 रुपये पर खुला। और, बंद हुआ, 136.85 रुपये पर।
आज यानी 10 अप्रैल को बाज़ार बंद होने पर इसका भाव था, 336.80 रुपये। ये भाव इसी हफ़्ते सोमवार को शेयर बाज़ार खुलने के भाव से कम है। ध्यान यहां ये रखना है कि फ़िल्म ‘रामायण’ का जो राम (या रामा) वाला यूनिट बीते गुरुवार को रिलीज़ हुआ, उसके बाद तीन दिन तक शेयर बाज़ार बंद था।
अगर आपको शेयर बाज़ार के उतार चढ़ाव में दिलचस्पी है तो आपको आगे और आनंद आने वाला है। हम सबको पता है कि भारतीय समय और अमेरिकी समय में फ़र्क है। जब रेडिट पर तमाम युवा इस बात को लेकर ख़फ़ा हो रहे थे कि हमारे राम पर बनी फ़िल्म का नया यूनिट इसे बनाने वालों ने लॉस एंजिलिस जाकर क्यों रिलीज़ किया?
तो यहां भारतीय शेयर बाज़ार में कंपनी का शेयर 1 अप्रैल को 338.55 रुपये पर खुला, जो इससे एक दिन पहले 329.50 रुपये पर बंद हुआ था।
फ़िल्म ‘रामायण’ का राम वाला ये यूनिट कैसा बना है, इसे अब सब जानते हैं। शेयर बाज़ार में पैसा लगाने वालों ने इसे सबसे पहले समझा और 2 अप्रैल को जब इसके भारत में हनुमान जयंती पर जारी होने की बारी आई तो उस दिन प्राइम फ़ोकस का शेयर बाज़ार खुलने के साथ ही 332.45 रुपये पर था।
कंपनी की मंशा थी कि गुड फ्राइडे, शनिवार और रविवार का बफ़र मिलने के बाद कंपनी इसके किसी विपरीत असर को संभाल लेगी।
कुछ-कुछ ऐसा हुआ भी क्योंकि बीते सोमवार यानी 6 अप्रैल को जब शेयर बाज़ार खुला तो इसका ओपन प्राइस था, 330.55 रुपये। इस पूरे हफ़्ते प्राइम फ़ोकस के शेयर डांवाडोल रहे। साथ लगे स्क्रीन शॉट में आप ये देख ही सकते हैं कि इन शेयर्स ने कैसा गोता लगाया है। अगर आज शुक्रवार को इसे आख़िरी समय पर संभाला न गया होता तो ये शेयर भाव दोपहर 12 बजे 316 रुपये के आसपास तक गिर चुका था।
1997 में स्थापित प्राइम फोकस, 2006 में पब्लिक कंपनी बनी। जून 2006 में प्राइम फोकस लिमिटेड बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में लिस्ट हुआ। कंपनी का IPO (इनिशियल पब्लिक ऑफर) 25 मई 2006 से 3 जून 2006 तक खुला रहा, जिसकी अंतिम इश्यू प्राइस ₹417 प्रति शेयर तय हुई।
अब ज़रा प्राइम फोकस के शेयर के बड़े बदलावों पर नज़र डालते हैं। अगर आप इसे बारीकी से फॉलो करें, तो आपको उनके ‘रामायण’ प्रोजेक्ट की प्रासंगिकता, उसके मार्केट वैल्यू और प्रोजेक्शन्स के संदर्भ में समझ आएगी। 28 फरवरी 2025 को प्राइम फोकस का शेयर 100 रुपये से नीचे ट्रेड कर रहा था, उस दिन यह ₹95.50 पर बंद हुआ। 26 मई 2025 को इसने 100 का आंकड़ा पार किया और ₹102.15 पर ओपन हुआ। फिर 2 जुलाई 2025 को कंपनी का शेयर पहली बार 150 रुपये के पार गया और ₹150.65 पर खुला।
अब आता है दिलचस्प हिस्सा! ‘रामायण’ फ़िल्म से जुड़ी हर खबर, उसकी रिलीज़ डेट, और कास्ट-क्रू में नए नाम जुड़ने (जैसे सनी देओल और हैंस ज़िमर) के साथ, इसके मेकर्स को शेयर बाज़ार में लगातार फायदा मिलता रहा। पिछले करीब पांच महीनों में प्राइम फोकस का शेयर 300 रुपये के पार निकल चुका है।
अभी पिछले महीने ही, 25 मार्च को इसका शेयर ₹314.75 पर खुला था। पिछले वीकेंड और आज की कीमत के बारे में मैं पहले ही आपको बता चुका हूं। इस हफ़्ते शेयर बाज़ार ने वैसा भरोसा नहीं दिखाया, जैसा ‘रामायण’ के मेकर्स अपने शेयरहोल्डर्स से उम्मीद कर रहे थे। पिछले हफ्ते की तुलना में अभी भी इसके शेयर प्राइस ‘रेड’ में बने हुए हैं।
अब कुछ और जानकारियां। दावा किया जा रहा है कि ‘रामायण’ के उस यूनिट में, जिसका टीज़र हनुमान जयंती पर रिलीज़ हुआ था, किसी भी तरह के AI जनरेटेड ह्यूमन्स (एआई जनित मानवों) का इस्तेमाल नहीं किया गया है। हालांकि, अगर आप इसे ध्यान से देखें तो लोचा साफ़ नज़र आता है।
कम लोग ही जानते हैं कि लाइव-एक्शन ‘रामायण’ ट्रिलॉजी बनाने की इसके निर्माता नमित मल्होत्रा की ख्वाहिशें 2019 से चली आ रही हैं। इसे तब खासा प्रचार मिला जब प्राइम फोकस की सब्सिडियरी कंपनी DNEG ने AI कंपनी Metaphysic का अधिग्रहण किया और लगभग 800 लोगों की एक AI डिविजन “ब्रह्मा” विकसित की।
दिलचस्प यहां ये जानना होगा कि “ब्रह्मा” का घोषित उद्देश्य ही फोटोरियलिस्टिक AI वीडियो क्रिएशन में नए मानक स्थापित करना है। अब सवाल है कि इस “ब्रह्मा” की दूसरी ख़ासियतें क्या है? विशेषज्ञों के अनुसार, ब्रह्मा Ziva की टेक्नोलॉजी को इंटीग्रेट करता है, जो डिजिटल ह्यूमन्स और कैरेक्टर सिमुलेशन बनाने में इस्तेमाल होती है। इस फिल्म की मल्टी-लिंगुअल रिलीज़ के लिए AI-ड्रिवन लिप-सिंक टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
यानी “ब्रह्मा” कलाकारों के होंठों की गतिविधियों को विभिन्न भाषाओं के साथ सिंक करने पर काम कर रहा है। ये सारा काम एआई से होगा। यानी जब रणबीर कपूर हिंदी के प, फ, ब, भ और म बोलेंगे तो उनके होंठ चिपकाने और इन्हीं वाक्यों के अन्य भाषाओं के शब्दों के उच्चारण के अनुसार उनके होंठ दूसरी तरह हिलाने का काम वह खुद नहीं बल्कि एआई करेगी।
ये तो आप जानते ही हैं कि फिल्म ‘रामायण’ का निर्माण प्राइम फोकस स्टूडियोज़ और अभिनेता यश की कंपनी मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के सहयोग से हो रहा है। फिल्म का निर्देशन नितेश तिवारी कर रहे हैं और इसमें रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश नज़र आएंगे जो क्रमश: राम, सीता और रावण के किरदारों में हैं।
(ये समाचार वरिष्ठ समीक्षक व पत्रकार पंकज शुक्ल की फेसबुक वॉल से उनकी अनुमति से लिया गया गया है)





